चार घंटे की पूछताछ के बाद हुमायूं कबीर को बहारामपुर पुलिस थाने से रिहा किया गया, पुलिस ने बीजेपी को निशाना बनाया
**बहारामपुर:** विवादास्पद वायरल ऑडियो मामले में नदिया के विधायक और आम जनता विकास पार्टी (AJUP) के अध्यक्ष हुमायूँ कबीर को लगभग चार घंटे की पूछताछ के बाद बहारामपुर पुलिस ने रिहा कर दिया। 21 सितंबर को उन्हें पुलिस थाने बुलाया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ऑडियो मामले को लेकर उनसे कई सवाल पूछे गए और उनके बयान दर्ज किए गए।
पुलिस थाने से बाहर निकलकर हुमायूँ कबीर ने मीडिया के सामने पुलिस पूछताछ के बारे में बात की। उन्होंने दावा किया कि उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि पुलिस को आम जनता की सेवा में लगी रहनी चाहिए।
पुलिस की भूमिका पर तीखा हमला करते हुए हुमायूँ ने कहा कि उनकी शिकायत के अनुसार, ममता बनर्जी के समय में पुलिस 'पार्टी के दास' के रूप में काम कर रही थी। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी के मामले में भी पुलिस उसी तरह काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न स्थानों पर उनके पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है।
हुमायूँ ने वायरल ऑडियो के संबंध में भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने उन्हें फोन किया, वह उन्हें अच्छी तरह से नहीं जानते। उन्होंने ऑडियो में हुई बातचीत के संबंध में उन पर लगे आरोपों पर भी सवाल उठाए।
यह उल्लेखनीय है कि मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि वायरल ऑडियो को लेकर हुमायूँ कबीर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कई मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ऑडियो में साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न करने की साजिश की जांच कर रही है।
इस बीच, 21 सितंबर की पूछताछ के बाद उन्हें फिर से **23 सितंबर को सुबह 11 बजे** बहारामपुर पुलिस थाने में उपस्थित होने के लिए कहा गया था।