नोदाखाली में शराब की दुकान खोलने के विरोध में महिलाओं का प्रदर्शन, तोड़फोड़ और सड़क जाम! सड़क पर शराब फेंककर आग लगाई
**नोदाखाली:** क्षेत्र में सरकारी शराब की दुकान खोलने की पहल को लेकर दक्षिण 24 परगना के नोदाखाली में तीव्र तनाव फैल गया। शराब की दुकान खोलने के विरोध में स्थानीय महिलाएँ सड़कों पर उतर आईं। विरोध मार्च के साथ-साथ दुकान में तोड़फोड़ करने का आरोप भी आंदोलनकारियों पर लगा। यहाँ तक कि प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर शराब फेंककर उसमें आग लगा दी। उनके प्रदर्शन और सड़क जाम के कारण काफी देर तक यातायात बाधित रहा। स्थिति नियंत्रित करने के लिए नोदाखाली थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुँची।
सूत्रों के अनुसार, नोदाखाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत नई सड़क मोड़ पर एक सरकारी शराब की दुकान खोलने की पहल की गई है। यह खबर फैलते ही स्थानीय निवासी आक्रोशित हो गए। उनका आरोप है कि 2025 में ग्रामीणों के आंदोलन के बाद वह शराब की दुकान बंद हो गई थी। लेकिन हाल ही में वहाँ फिर से दुकान खोलने की पहल होने से नया विरोध शुरू हो गया है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकारी नियमों के अनुसार शहरी क्षेत्र में 500 मीटर और ग्रामीण क्षेत्र में 1 किलोमीटर के दायरे में शैक्षणिक और धार्मिक संस्थान हों तो शराब की दुकान खोलने पर प्रतिबंध है। उनका आरोप है कि नई सड़क मोड़ पर प्रस्तावित शराब की दुकान के निर्धारित दायरे में ही दो मस्जिदें, तीन मंदिर, पाँच सरकारी शैक्षणिक संस्थान और पाँच निजी शैक्षणिक संस्थान हैं। इतना ही नहीं, इस क्षेत्र में एक नर्सिंग होम, बीडीओ कार्यालय और थाना भी है।
इतने महत्वपूर्ण संस्थानों के होने के बावजूद इस क्षेत्र में शराब की दुकान खोलने की पहल कैसे की जा रही है, इस पर स्थानीय निवासियों ने सवाल उठाए हैं। नशा विरोधी समिति की ओर से भी प्रशासन और बीडीओ को इस मामले की जानकारी दी गई है। उन्होंने तत्काल शराब की दुकान खोलने की पहल रोकने की मांग की है।
अब देखना होगा कि स्थानीय निवासियों के इस विरोध के बाद प्रशासन और उत्पाद शुल्क विभाग क्या कदम उठाते हैं।