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उत्तर 24 परगना

पांच साल बाद समाधि से निकाला गया मृत बीजेपी कार्यकर्ता का शव, संदेशखाली में चुनाव के बाद हिंसा के मामले में बड़ा कदम

लेखक Editor - Bengal News Net ११७ बार पढ़ा गया ३ मिनट पढ़ें
पांच साल बाद समाधि से निकाला गया मृत बीजेपी कार्यकर्ता का शव, संदेशखाली में चुनाव के बाद हिंसा के मामले में बड़ा कदम

**संदेशखाली:** 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद हुई हिंसा में हत्या के आरोपित एक वरिष्ठ बीजेपी कार्यकर्ता का शव पांच साल बाद समाधि से निकाला गया है। उत्तर 24 परगना के बसिरहाट उपमंडल के संदेशखाली में एक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में शव को निकाला गया। अब जांचकर्ताओं का ध्यान इस बात पर है कि क्या शव का पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के माध्यम से मृत्यु का कारण और घटना के वास्तविक तथ्यों का पता चल सकेगा।


मृत बीजेपी कार्यकर्ता का नाम **आस्तिक चंद्र दास** है। परिवार का आरोप है कि 2021 में चुनाव के बाद हुई हिंसा के दौरान उन्हें संदेशखाली-1 ब्लॉक के नयाजाट थाने के कालीनगर क्षेत्र के झनझनिया इलाके में पीटा गया था। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाने में भी रोकने का आरोप है। बाद में उनका घर पर ही निधन हो गया।


परिवार का यह भी आरोप है कि घटना के बाद जब वे पुलिस के पास लिखित शिकायत करने गए, तो उनकी शिकायत नहीं ली गई। साथ ही, शव का पोस्टमार्टम भी नहीं करने दिया गया। उनका कहना है कि बाद में उन्हें डराकर शव को दफनाने के लिए मजबूर किया गया।


राज्य में राजनीतिक बदलाव के बाद मृतक के परिवार ने इस घटना की फिर से जांच की मांग करते हुए पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उसी शिकायत के आधार पर अब पांच साल बाद आस्तिक चंद्र दास का शव समाधि से निकालने का निर्णय लिया गया है।


रविवार को मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में शव को निकाला गया। घटनास्थल पर पुलिस अधिकारी, डॉक्टर और फोरेंसिक विभाग के अधिकारी मौजूद थे। शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। इसके अलावा, फोरेंसिक जांच के माध्यम से आवश्यक जानकारी भी एकत्र की जाएगी।


पांच साल पहले दफन किए गए शव के पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच से कितनी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी, यह जांचकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण परीक्षण है। उस परीक्षण की रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकता है कि मृत्यु का वास्तविक कारण और परिवार के आरोपों के साथ कोई साक्ष्य मेल खाता है या नहीं।


लंबे समय बाद फिर से जांच के दायरे में आने वाली इस घटना ने संदेशखाली में नई हलचल पैदा कर दी है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट सार्वजनिक होने पर 2021 के चुनाव के बाद की हिंसा के इस मामले में कोई नई जानकारी सामने आती है या नहीं, यह देखना बाकी है।

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